Menu
Dosti Shayari

दोस्त की दोस्ती है दावा मेरे हर ज़ख़्म के लिए…

दोस्त की दोस्ती है दावा मेरे हर ज़ख़्म के लिए,
दोस्त की ही तो ज़रूरत है जीने मरने के लिए,
दोस्त की खाती हर हार हमे मंज़ूर है,
दोस्त की दोस्ती ही तो बस मेरी जान है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *