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Zindagi Shayari

मंज़िल इन्सान के हौसले आजमाती है…

मंज़िल इन्सान के हौसले आजमाती है,
सपनों के परदे आँखों से हटाती है,
किसी भी बात से हिम्मत मत हारना,
ठोकर ही इन्सान को चलना सिखाती हैं।

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