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Dosti Shayari

वो दिल क्या जो मिलने की दुआ न करे…

वो दिल क्या जो मिलने की दुआ न करे,
तुम्हें भुलकर जिऊ यह खुदा न करे,
रहे तेरी दोस्ती मेरी जिन्दगानी बनकर,
यह बात और है जिन्दगी वफा न करे.

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