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Zindagi Shayari

डर मुझे भी लगा फांसला देख कर…

डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर,
खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर.!

टूटने लगा हूँ…

टूटने लगा हूँ, ख़ुदा मुझे फ़ना कर दे,
या वो मक़सद दे जिसपे जिंदगी हम सदा कर दें,
जीने की जिद ज्यादा नही,
मगर जितना जिया उसमें कुछ ताऱीफें अदा कर दे।।

जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की…

जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की।

कहते हे…

कहते हे..प्यार की शुरूआत आँखो से होती है,
यकीन मानो दोस्तो,
प्यार की कीमत भी आँखो को ही चुकानी पङती है..

जाने मेरी मंजिलो के रास्ते कौनसे है…

जाने मेरी मंजिलो के रास्ते कौनसे है,
चल तो रहे है कदम पर दायरे कौनसे है,
क्या ढूँढती है नज़र हर पल,
कौन अपने और पराये कौन से है ।।

उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो…

उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो;
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो;
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है;
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो।

हथेली पर रखकर…

हथेली पर रखकर, नसीब अपना
क्यूँ हर शख्स, मुकद्दर ढूँढ़ता है
अजीब फ़ितरत है, उस समुन्दर की
जो टकराने के लिए, पत्थर ढूँढ़ता है

ज़िंदगी जीने का मकसद ख़ास होना चाहिए…

ज़िंदगी जीने का मकसद ख़ास होना चाहिए;
और अपने आप में हमेशा विश्वास होना चाहिए;
जीवन में खुशियों की कमी नहीं है दोस्तो;
बस खुशियों को मनाने का अंदाज़ होना चाहिए।

ख्वाबों कॆ अंदर ज़िंदा मत रहो…

ख्वाबों कॆ अंदर ज़िंदा मत रहो,
बल्की अपने अंदर ख्वाब को ज़िदा रखो,
मोहब्बत उससॆ नही होती जो खूबसूरत हो,
खूबसूरत वो होती है जिससॆ मोहब्बत हो..

छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर…

छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.