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Dosti Shayari
दोस्त की दोस्ती है दावा मेरे हर ज़ख़्म के लिए,
दोस्त की ही तो ज़रूरत है जीने मरने के लिए,
दोस्त की खाती हर हार हमे मंज़ूर है,
दोस्त की दोस्ती ही तो बस मेरी जान है.

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